उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं गुरूकुल कंागडी विश्वविद्यालय के पुस्तकालयों में ई-रिसोर्स का उपयोगकर्ताओं के अध्ययन पर प्रभाव

Authors

  • Annu Sharma and Dr.Indu Bharti Ghildiyal Author

DOI:

https://doi.org/10.7492/0zaded83

Abstract

सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के आगमन के साथ, इलेक्ट्रॉनिक किताबें, इलेक्ट्रॉनिक जर्नल, इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस, इलेक्ट्रॉनिक संदर्भ स्रोत, इलेक्ट्रॉनिक बुलेटिन, इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्ट आदि जैसे संसाधन उच्च शिक्षा प्रणाली में अपना रास्ता बना रहे हैं। एक अकादमिक पुस्तकालय उच्च शिक्षा प्रणाली का एक मूलभूत हिस्सा है और अकादमिक पुस्तकालयों के लिए प्रासंगिक सूचना संसाधनों को प्राप्त करना और उन्हें संभावित पुस्तकालय उपयोगकर्ता समूहों द्वारा उपयोग के लिए आसानी से उपलब्ध कराना आवश्यक है। वर्तमान अध्ययन हरिद्वार क्षे़़़़़त्र में देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय छात्रों द्वारा ई-संसाधनों के उपयोग की जांच करता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह है, कि शिक्षाविद् ई-संसाधनों की तुलना प्रिंट संसाधनों से कैसे करते हैं, वे ई-संसाधनों के लाभों को कैसे समझते हैं और उन तक पहुँचने के दौरान वे समस्याओं का सामना कैसे करते हैं। इस संबंध में, छात्रों को वितरित की गई कुल 200 प्रश्नावली में से केवल 170 का उत्तर दिया गया। सुचारू परिणाम सामने लाने के लिए आंकड़ों को एकत्रित करके विश्लेषण किया गया।

Published

2012-2024

Issue

Section

Articles

How to Cite

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं गुरूकुल कंागडी विश्वविद्यालय के पुस्तकालयों में ई-रिसोर्स का उपयोगकर्ताओं के अध्ययन पर प्रभाव. (2024). Ajasra ISSN 2278-3741, 13(7), 6-21. https://doi.org/10.7492/0zaded83

Share